yeshu ke cross ki saja kyu mila

 यीशु मसीह को क्रूस पर क्यों चढ़ाया गया

आज से 2000 साल पहले एक बरअब्बा नाम का एक आदमी रोमन साम्राज्य विद्रोही करता था
बरअब्बा के ऊपर हत्या का आरोप था l

 उन्हीं दिनों यीशु उसके चेले में से एक ने 30 चांदी के सिक्के के लालच में आकर यीशु को पकड़वा या यीशु पर आरोप लगाया गया कि यीशु अपने आप को स्वर्गीय शक्तिमान पिता परमेश्वर का बेटा कहता था
और यीशु कहता था कि मैं यहूदियों का राजा हूं


 जब यीशु हाकिम के साम्हने खड़ा था, तो हाकिम ने उस से पूछा; कि क्या तू यहूदियों का राजा है? यीशु ने उस से कहा, तू आप ही कह रहा है।
मत्ती 27:11


 इस पर पीलातुस ने उस से कहा: क्या तू नहीं सुनता, कि ये तेरे विरोध में कितनी गवाहियां दे रहे हैं?
मत्ती 27:13


 परन्तु उस ने उस को एक बात का भी उत्तर नहीं दिया, यहां तक कि हाकिम को बड़ा आश्चर्य हुआ।

 और हाकिम की यह रीति थी, कि उस पर्व्व में लोगों के लिये किसी एक बन्धुए को जिसे वे चाहते थे, छोड़ देता था।

 उस समय बरअब्बा नाम उन्हीं में का एक नामी बन्धुआ था।

 महायाजकों और पुरनियों ने लोगों को उभारा, कि वे बरअब्बा को मांग ले, और यीशु को नाश कराएं।
मत्ती 27:20
 हाकिम ने उन से पूछा, कि इन दोनों में से किस को चाहते हो, कि तुम्हारे लिये छोड़ दूं? उन्होंने कहा; बरअब्बा को।
मत्ती 27:21
 पीलातुस ने उन से पूछा; फिर यीशु को जो मसीह कहलाता है, क्या करूं? सब ने उस से कहा, वह क्रूस पर चढ़ाया जाए।
मत्ती 27:22

23 हाकिम ने कहा; क्यों उस ने क्या बुराई की है? परन्तु वे और भी चिल्ला, चिल्लाकर कहने लगे, “वह क्रूस पर चढ़ाया जाए”।
मत्ती 27:23

26 इस पर उस ने बरअब्बा को उन के लिये छोड़ दिया, और यीशु को कोड़े लगवाकर सौंप दिया, कि क्रूस पर चढ़ाया जाए॥
मत्ती 27:26


मसीह को सूली पर चढ़ाने के लिए उसकी विद्रोही उन्हें कुल गुलगुलता नामक स्थान पर ले गए

और वहां पर यीशु को क्रूस की सजा दिया गया
पिलातुस ने के दोष पत्र लिखा जिसमें लिखा था ll
यह यहूदियों का राजा है

जब यीशु क्रॉस पर लटका हुआ था सात वाणी उन्होंने बोले

 पहली वाणी : 'हे पिता इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं।'

 दूसरी वाणी : 'मैं तुझ से सच कहता हूँ कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।'

तीसरी वाणी : 'हे नारी देख, तेर पुत्र। देख, तेरी माता।'


  चौथी वाणी : 'हे मेरे भगवान, हे मेरे भगवान, तूने मुझे क्यों छोड़ा?'
 

पांचवीं वाणी : 'मैं प्यासा हूं'
 
छठी वाणी : 'पूरा हुआ।'

सातवीं वाणी : 'हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं।


अंत में मेरी मसीही भाई बहनों आप लोग से यह कहना चाहूंगा कि जैसा कि बाइबल में लिखा है यीशु परमेश्वर का मेमना है जो जगत के पाप उठा लिए जाता है

ईश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया ताकि जो कोई उस पर विश्वास करें वह नाश ना हो परंतु अनंत जीवन पाए

मेरे प्रिय भाइयों अपने पापों को अंगीकार करें और अपने प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धार करता ग्रहण करें

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